BNNS 163 has replaced IPC 144
I had seen reference to section 163 as earlier I used to know about section 144 of IPC.
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 (जो पुराने कानून की CrPC की धारा 144 के समान है) जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM) या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट को आपात स्थिति में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिखित आदेश जारी करने की शक्ति देती है। यह नया कानून 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ है। [1, 2]
धारा 163 क्यों लागू की जाती है?
- दंगा, हिंसा या सांप्रदायिक तनाव की आशंका होने पर।
- किसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने या सार्वजनिक शांति भंग होने की संभावना होने पर।
- मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होने पर।
- किसी बड़े आयोजन या विरोध प्रदर्शन के दौरान तुरंत रोक लगाना आवश्यक होने पर। [1, 3]
इस धारा के तहत क्या प्रतिबंध लगाए जाते हैं?
- भीड़ पर रोक: एक साथ 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध।
- जुलूस और प्रदर्शन: बिना अनुमति के कोई रैली, धरना, जुलूस या सार्वजनिक सभा नहीं की जा सकती।
- हथियार पर प्रतिबंध: लाठी, डंडा, तलवार, हॉकी स्टिक या किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने पर रोक।
- भड़काऊ बयान: किसी भी तरह के उत्तेजक नारे या भड़काऊ बयान देने पर पाबंदी। [3, 4, 5, 6]
यह कितने समय तक लागू रहती है?
- सामान्य तौर पर यह आदेश 60 दिनों तक प्रभावी रहता है।
- यदि राज्य सरकार को आवश्यकता लगे, तो इसे बढ़ाकर अधिकतम 6 महीने तक किया जा सकता है। [1, 2]
उल्लंघन करने पर सजा
- धारा 163 के आदेशों का उल्लंघन करना कानूनी अपराध है।
- इसके तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकता है। [1, 2]
क्या आप किसी विशेष शहर या राज्य में लागू धारा 163 के बारे में जानना चाहते हैं, या इसके किसी खास नियम के बारे में पूछना चाहते हैं?
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